Life Philosophy Poem Top

अंतर्द्वंद्व

जगातीय जुस्तजू के बीच एक कशमकश मेरे भीतर भी चले | इन द्वंद्वों से जन्म लेता है मन में अंतर्द्वंद्व | पनपती है कसक सी और उभरता है एक प्रश्न | फूल की कमनीयता को शूल से बींधता है बार-बार भला कौन? आखिर क्या है जीवन? बाहर से अनोखा ? अन्दर से खोकला ? मशहूर होकर भी इस कदर क्यों बदनाम है ? जीतकर सब कुछ भीख की मांग में क्यों फिरे ? पीकर जल

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Featured Generation Y Hindi India Optimism Poetry Top

युवा

आगमन से तुम्हारे, धरती ने नई चेतना में स्नान किया । देश का कोना कोना पुकार रहा है युवा युवा । ज़रुरत आन पड़ी है तुम्हारी, जनता आश्रित है तुम पर उम्मीद लगाये बैठी है कि तुम लाओगे नया सवेरा । उंढेल दो अपनी सारी ऊर्जा बेह जाने दो इस युवा शक्ति को सींचने दो उसे इस मिटटी को लाने दो एक नयी जागृति । जला दो तुम हर द्वार पर ज्ञान का दीपक, प्रकाश

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Culture Hindi Life Poem Top

रंग

मैंने देखा  नहीं मगर रंग शायद ऐसे ही होंगे | प्यार जब कोई बरसाए इस जीवन में लहर ख़ुशी की दौड़े जब मेरे इस मन में उसी आनंद को लाल कहते होंगे मैंने देखा  नहीं मगर रंग शायद ऐसे ही होंगे | रौशनी के नन्हे कतरे टकराएँ जब मुझसे आकर धुप की तपिश के कण जब बुने एक जाल मुझ पर उसी पिंजरे को पीला कहते होंगे मैंने देखा  नहीं मगर रंग शायद ऐसे ही

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Arts Hindi Philosophy Poem Top

ख़ाली बोतल की कहानियाँ

हर ख़ाली बोतल में क़ैद हैं न जाने कितनी  कहानियाँ कुछ में क़ैद है हीर की दास्तां कुछ में रांझाओ की जवानियाँ   वह पहला ख़त जिसे लिखते हुए कांपे थे हाथ जवाब के इंतज़ार में क़ुर्बान हुए हज़ारों दिन लाखों रात हर जाम में बसी थी दिल की बेताबियां ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ   समेटा दिल के टुकड़ो को भुलाया बीती गलतियों को वादों में कराए बातें अंजानो पर लुटाए रातें क़ैद है इसमे वह सारी बेशर्मियां ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ   जब ख़वाईशें तड़पाए हवा बन के उसे भड़काए जब ग़ैरों से भी दिल जल जाए तब आंसू बन के उसे बुझाए हर घूंट में समाए इसकी यारियां ख़ाली बोतल बयां करे वह सारी कहानियाँ   डूब गए बाद्शाह मिट गई जन्नतें जल गई क़ायनात बह गई हसरतें कांच के इस मकान में क़ैद है न जाने कितनी बरबादियाँ ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ   यह ख़ाली बोतल आज मुझसे कुछ कह रही  है ज़िंदगी के सबक ख़ामोशी से पीला रही है डूब गई शाम मुक़म्मल हुआ जाम ख़ुमार अब ख़त्म हो रहा है एक नया सवेरा मुझे बुला रहा है   इस बोतल में क़ैद है ज़िंदगी के हर पल की परछाईयाँ ख़ाली बोतल बयां करे न जाने कितनी कहानियाँ

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Hindi Opinion Poetry Top

पुतलों का शहर

सरकते सायों से भरी दुनिया में एक पुतलों का शहर है जहाँ करोड़ों की भीड़ में बस तन्हाई का सहर  है । कोई किसी का है नहीं यहाँ न साहिल है न कोई किनारा हिम्मत टूटने पर भी तैरना होता है यहाँ डूबते को तिनके का भी न सहारा । रूस्वियों की रौनक से रौशन हर दिल को चोट देने की आदत है कागज़ के फूलों से सजा गुलशन हर मुसाफिर को कुछ पलों का धोका

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Optimism Poem Poetry Top

सागर

जल का भंडारघर, अनंत है यह सागर, ठहरता नहीं, निरंतर ही चलता | किनारे की रेत को दौड़कर समेटता, फिर लहरों संग ले आता उसे तट पर | सुनाई पड़ती है उसकी गर्जना, जब उंडेलता वह लहरों के सफ़ेद झाग – जैसे लड़ पड़ा हो वह किनारों से और चाहता हो उन पर उर्मियों को पटकना | चेहरे पर मेरे कुछ नमकीन छींटे पड़े – अब चट्टानों से टकरायीं लहरें | पत्थरों के बीच से

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Arts Hindi Poem Top

मेरी रिहाई हो चुकी है

इस कारागार से मैं उस उगते सूरज की रौशनी देख रही हूँ | निश्चय ही ये किरणे तुम्हे छूकर आई होंगी | जैसे ही ये किरणे पहुंची इस कालकोठरी तक सलाखों को पार कर, ये पहुंची मुझ तक, मेरे कण-कण ने तुम्हे अहसास किया | रोम-रोम ने आनंद सा अनुभव किया | मेरे कानों में एक ध्वनी सुनाई पड़ी  – रश्मि वर्षा कह रही थी मानो तुमने मधुर गीत कोई मेरे लिया गा दिया है

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Hindi Life Love Poem Top

Aye Aasmaan 2009

Ghutan si ho rahi is be-aazad zindagi mein, is bebasi mein, Chalta hua in khwaahishon ki dagar pe, ghir(surrounded) chuka hun apni becharagi(helplessness) mein, Kiye hai ye zakhm maine hi in lakeeron(palm lines) pe, aur badal kaise sakta hun apni kismat ko main. Kahin ye meri marzi to nahi, ki bananaa chahta tha sabse bada jo main, Aasmaan ne gher liya mujhe, kaha jeet ke dikha wo aakhri bada hun main, Ab nazar hai meri

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Bollywood Entertainment Top

66 Years Of Bollywood Since Independence: Why The Show Will Always Go On

“Awara hoon, ya gardish mein hoon, aasman ka tara hoon”. This Raj Kapoor classic sums up the journey of Hindi cinema in the last 100 years. A name that is not just a poorer cousin of its western counterpart, but also is behind its regional competitor, ‘Bollywood’ has reached an age of celebrations. Bevinda Collaco, the veteran journalist and Amit Khanna, a film maker both have staked claim in coining the term, that now appears

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Bollywood Entertainment India Movies

Happy 100th Birthday Bollywood: From a Fan Turned Critic

Assistant Director: Sir we need to make the breakdowns before the film goes on floors! A trainee assistant talking to his director in the office. Director: Don’t worry son, it is all in here (signals towards his brain) Assistant Director: But sir how will we execute the movie, if we don’t have things on paper? Director: Don’t worry son I can see the entire picture clearly, you go and see if the food has been

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