human-travel
Business Hindi History India Life Poverty

मनुष्य की यात्रा

आज मनुष्य संपूर्ण पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि अन्य ग्रहों एवम् उपग्रहों की भी यात्रा करने में सक्षम है यहाँ तक कि वह सूर्य तक भी पहुँचने की कोशिश कर रहा है| आज मनुष्य की यात्राओं के, उनकी क्षमता और ज़रूरत के अनुसार अलग-अलग उद्देश्य हैं परंतु क्या हमने कभी सोचा है कि उसकी इस यात्रा का प्रारंभ कब और क्यों शुरू हुआ| मनुष्य की यात्रा उसके जीवन के साथ ही शुरू होती है| प्रारंभ में मनुष्य की इस यात्रा का बस एक ही उद्देश्य होता था, उसके अस्तित्व की समस्या अर्थात् उसके जीवित रहने की समस्या जिसके लिए वह

Read more
atal-bihari-vajpayee
Featured India Leadership Legends Opinion Poem Politics Top

अटल बिहारी वाजपाई

(एक परिचय) [मैं आदरणीय पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपाई जी का बहुत सम्मान करता हूँ| सन् १९९९ में श्री वाजपाई जी जब प्रधानमंत्री बने थे और उन्होंने कई दलों के साथ मिलकर राजग की सरकार बनाई थी तब कवि हृदय श्री वाजपाई जी यदि किसी को अपने कवि मूड में अपना परिचय एवं व्यक्तित्व बता रहे होते तो उसकी कल्पना मेरे छोटे से मस्तिष्क में कविता के रूप में कुछ इस प्रकार उत्पन्न हुई थी| मैं आशा करता हूँ कि इस कल्पना से किसी को चोट नहीं पहुँचेगी और यदि किसी को यह खराब लगती है तो उसके लिए

Read more
Poem Poetry Poverty Social Social Values and Norms Top

अंबेडकर की कलम

क्रांति के लिए जली मशाल, क्रांति के लिए बढ़े कदम ॥ अपमान के विरुद्ध सम्मान के लिए, शोषण के विरुद्ध अरमान के लिए, दलित, शोषित, पिछड़ी जाति के लिए, हम लड़ेंगे हमने ली है कसम । क्रांति के लिए जली मशाल, क्रांति के लिए बढ़े कदम ॥ छिन रही हैं आदमी की रोटियाँ, बिक रही हैं शोषितों की बेटियाँ, किंतु पूंजीपति, राजनेता मिलकर शोषकों के साथ, भर रहे हैं कोठियाँ । लूट का यह राज हो ख़तम शोषण का यह राज हो ख़तम ॥ तय है जय, उस शोषित अवाम की, दलित, कमजोर, पिछड़े समाज की, सम्मान के लिए लड़

Read more
friends-enemies
Friendship Hindi Poem Poetry

दुश्मन – दोस्त

ऐ दोस्त दोस्ती के काबिल न छोड़ा तैने, वो कर दिखाया जो कभी न सोचा था मैंने वो बचपन की सारी रातें, जीवन की वो लंबी बातें बातों को भी भुलाकर छोड़ा तैने ऐ दोस्त दोस्ती के काबिल न छोड़ा तैने, वो कर दिखाया जो कभी न सोचा था मैंने जीवन के अनुपम सपने जो दिल में मेरे थे अपने उन सपनों को भी तोड़कर छोड़ा तैने ऐ दोस्त दोस्ती के काबिल न छोड़ा तैने, वो कर दिखाया जो कभी न सोचा था मैंने ये दुनिया भी कितनी भोली है यहाँ दोस्त भी दुश्मन होता है दुश्मन से भी दोस्ती

Read more
Love Poem Poetry

वो कौन है

वह कौन है जिसने मेरी तस्वीर को खींचा है वह कौन है जिसने मेरी तक़दीर को सींचा है हम पूछते हैं उनसे, वो इतना मुझे बता दे, मुहब्बत देकर के मुझको, न इतनी सजा दे कैसे मिल सकता है सागर, जो चांद से नीचा है वो कौन है जिसने मेरी तस्वीर को खींचा है वो कौन है जिसने मेरी तक़दीर को सींचा है अगर उनकी तमन्ना है कि मैं उनको मिल जाऊँ, बनके फूल गुलशन का जीवन में उनके आऊँ, अफसोस है मगर, इतना दूर ये बगीचा है वो कौन है जिसने मेरी तस्वीर को खींचा है वो कौन है

Read more
Poem Poetry

दर्दे-पैगाम

हुआ दर्दे-दिल तो तेरा नाम पुकारा बैठा गम तो आया तेरा नजारा दुख हुआ तो दिया सहारा गाये तेरे गीत, गा रहा हूँ, गाता रहूँगा –गाता रहूँगा सो रहा था सपनों के साये में दर्द था कहीं अनजान राहों में आ गयी ऊषा कहीं से मौत का पैगाम लेके रोने लगे अरमां, किसी के दर्द के पैगाम बनके ये दर्दे-पैगाम सबको सुनाता रहा हूँ, सुनाता रहूँगा –सुनाता रहूँगा गाये तेरे गीत, गा रहा हूँ, गाता रहूँगा –गाता रहूँगा अपना वायदा मैं पूरा कर ना सका तेरा साथ जीवन भर निभा ना सका पर सपनों में तेरे रहा हूँ सदा सपनों में

Read more
Love Poem Poetry

प्यार

मैं तुमसे कहूँगा एक बात पते की दिल मेरे में झांक के देखो तस्वीर बनी तेरे हिरदे की तस्वीर बनी तेरे चेहरे की मैं तुमसे कहूँगा एक बात पते की जब हिरदे के अंदर अपने तेरा राग प्रेम का गाता हूँ आ जाती है दुनियां सारी मैं दुनियां में खो जाता हूँ क्या ही अच्छा होता साथी गर तू भी सामने होती मैं तुमसे कहूँगा एक बात पते की दिल मेरे में झांक के देखो तस्वीर बनी तेरे हिरदे की तस्वीर बनी तेरे चेहरे की तू भी मेरे सामने आजा मेरे दिल का दीप जलाजा अमर ज्योति है प्रेम दीप

Read more
Poem Poetry Social Social Values and Norms

अधिकार मिल कर ही रहेगा

गर बज गया है बिगुल संघर्ष का, तो अधिकार मिलकर ही रहेगा । कोई न मुझको रोक सकेगा शक्ति से डरा धमका कर, कदम न मेरे मोड़ सकेगा झूठे स्वप्न दिखाकर । अब तो दम लेंगे हम अपनी मंजिल पर ही जाकर, ली है हमने शपथ संघर्ष का बिगुल बजाकर ॥ गर चल पड़ा है यह कारवां, तो अब मंजिल पर ही ठहरेगा । गर बज गया है बिगुल संघर्ष का, तो अधिकार मिलकर ही रहेगा ॥ अधर्म के प्रति धर्म का यह संघर्ष नहीं है, किसी राजा के प्रति प्रजा का यह संघर्ष नहीं है । यह संघर्ष है

Read more
Hindi Poem Poetry Social Social Issues

चुश्की एक शराब की

देखते ही देखते क्या बात बनी कमाल की ला गयी मस्ती मुझे चुश्की एक शराब की गीत मैं गाने लगा मदहोश मुझे छाने लगा छा गयीं रंग रलियाँ, मेरे रग – रग में कि रुक नहीं पाते पग, मेरे एक पग में करूँ क्या तारीफ उसके अजीबो जवाब की देखते ही देखते क्या बात बनी कमाल की ला गयी मस्ती मुझे चुश्की एक शराब की देखा न था तेरा, जब तक मैनें सपना लगता न था जग में कोई अपना यह क्या मुझे सैदा हुआ क्या ‘किन्थ’ तुझे पैदा हुआ नहीं दोस्त, यह बात नहीं भुलाव की देखते ही देखते

Read more
Poetry

आरजू (शेर )

यह जिंदगी भी अजीब है यारो, कभी जीता हूँ तो कभी मरता हूँ । यह जीना भी क्या जीना है यारो, न जीता हूँ और न मरता हूँ ।   कई मर्तबा मरने को कदम बढ़ायें हैं मैंने, यह सोचकर कि कोई आकर मुझे बचा लेगा । अनेक अरमान भी पाले थे मैंने, पर क्या पता था कि कोई मुझे सजा देगा ।   सिर्फ मैं ही नहीं हूँ तमाम हैं मेरे जैसे, जो न जीते हैं और न मरते हैं । जिन्हें जिंदगी नर्क से बदतर लगती है, फिर भी वे सौ बरस जीने की आरजू रखते हैं ।

Read more