Child Sexual Abuse Featured India Indian Culture

सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत

FacebookTwitterGoogleLinkedIn


हाल ही मे कैलाश सत्यार्थी बाल संगठन द्वारा आयोजित ‘भारत यात्रा’ समाप्त हुआ। यात्रा से जुड़े एक ज़रुरी संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए कैलाश सत्यार्थी ने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘गली गली सिम सिम’ के किरदार एलमो से बात की। ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत’ के अंतर्गत ‘सही स्पर्श, गलत स्पर्श’ के बारे मे कैलाश जी ने एक कई ज़रुरी बातें बताईं। जब एलमो ने उनसे सुरक्षित बचपन का तात्पर्य पुछा,तब कैलाश जी ने बताया, “ सुरक्षित बचपन का मतलब है कि किसी भी व्यक्ति को किसी बच्चे को गलत तरीके से देखने या छूने का अधिकार नहीं है।” इसके तत्पश्चात जब एलमो ने उनसे ‘सुरक्षित बचपन’ के तरीकों पर और विस्तार से जानकारी देने को कहा तो कैलाश जी ने कहा कि, “देखो एलमो, किसी भी बच्चे का शरीर उसकी आपकी निजी चीज़ है।कोई भी अगर इसे छूता है, तो उसे उस बच्चे की अनुमति लेनी चाहिए।” एलमो ने इस बात को अपनी सहमति दी।

कैलाश जी ने आगे यह भी कहा, “एलमो, यदि कोई आपके मूह, छाती, पैरों के बीच की जगह या फिर पीठ के नीचे हाथ रखे, तो आपने ज़ोर से चिल्लाना है, ‘नहीं!’ और तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े को इस बात के बारे मे इकताला करना चाहिए।” एलमो ने इस बात पर भी अपनी सहमति व्यक्त की। अंतत; कैलाश जी ने भरोसेमंद बड़ों को संबोधित करते हुए कहा, “यह बड़ों की ज़िम्मेदारी है कि वह भी अपने बच्चे की हरकतों पर निगरानी रखें। यदि आप देखते हैं की आपका बच्चा खाना ठीक से नहीं खा रहा या उसका मन पढाई या खेल-कूद मे नहीं जा रहा, तो संभव है कि वो यौन शोषण का शिकार है। ऐसे मे आपकी यह ज़िम्मेदारी बनती है कि आप उससे बात करके मामले की जड़ तक जाकर इसका समाधान निकालें। लेकिन इस दौरान ध्यान रखें की बात करते वक़्त आपका व्यवहार प्रेम और दयालुपन का हो जिससे की बच्चा आपसे खुलकर बात कर सके।” एलमो को कैलाश जी की सभी बातें बहुत प्रभावशाली और ज़बरदस्त लगीं। अपने इस छोटे वार्तालाप के बाद दोनों एक दुसरे के गले लगे।

Leave a Reply


Your email address will not be published. Required fields are marked *