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India’s North West: A Picture Starting to Emerge

Afghan Taliban’s intransigence on the peace process coupled with its attack on civilians in Kabul has forced the four powers initially driving the peace process to increase the pressure on the group. President Ghani’s announcement to initiate a 5-year war strategy[1] against the Taliban, American drone strike on the head of the Taliban[2] travelling through Baluchistan and Pakistan policy of stepping up operations[3] on the terrorist groups have put the group on the defensive. The Americans have been

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आरक्षण नीति की समीक्षा का औचित्य

आरक्षण नीति की समीक्षा अथवा आरक्षण समाप्त करने की पहल: आर०एस० एस० के संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत ने देश में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए गैर राजनैतिक समिति बनाने की पहल की है| सीधे तौर पर कहा जाये तो उन्होनें अस्पष्ट रूप में आरक्षण को समाप्त करने की तरफ इशारा किया है| भारतीय जनता पार्टी और कॉंग्रेस के कुछ नेताओं के द्वारा भी कहा गया है कि अब वक़्त आ गया है कि

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जाति के नाम पर

यहाँ सब कुछ होता है जाति के नाम पर यहाँ सब कुछ मिलता है जाति के नाम पर देश यहाँ चलता है जाति के नाम पर धर्म यहाँ पलता है जाति के नाम पर समाज भी चलता है जाति के नाम पर बच्चा पैदा होता है जाति के नाम पर वह बड़ा होता है जाति के नाम पर शिक्षा वह पाता है जाति के नाम पर कर्म भी पाता है जाति के नाम पर धर्म

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देश की तस्वीर

देश अनेकों जाकर तुमने, भारत की शान बढ़ाई मोदी-मोदी बोल रहे हैं, हर देश में एन०आर०आई लंका में जाकर के मोदी, तुमने पुरानी कथा सुनाई किया राम गुणगान वहाँ पर, रावण की याद दिलाई चन्द क्षणों में किया फ़ैसला, ऐसे तुम हो संज्ञानी नेपाल में तुरंत रसद पहुँचाई, मालदीव में पानी बुरे वक्त में साथ दिया और मदद करी मनमानी सेना को भी भेजा तुमने, ऐसे हो वीर बलदानी पर मेरे देश की प्यारी जनता, हाय

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अरमानों की चिता

चन्द लुटेरों ने मिलकर देश की सम्पदा चुराली पूंजीपतियों ने नेताओं से मिलकर जनता की कुर्की करवाली खुशियों की यहाँ मौत हुई है अरमानों की चिता जली है आने को आई आज़ादी पर भूख से जनता यहाँ मरी है गिद्ध खा रहे दूध मलाई हंस बसे हैं चिड़ियाघर मालिक बन पूंजीपति डोलें भृष्टाचारी बैठे सिंहासन पर मालिक तो शोषक ही हैं जनता तो बस दासी है ऐसा आया वक्त कि, जनता भृष्टों की चपरासी है

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FREEDOM

Since 1947 on 15th, August of every year, we are celebrating the Independence Day of our country. Each state of the country is celebrating this great day in different ways. Most of the people of country are also enjoying the celebration of independence in their own ways. But the important question is that what type of freedom we are enjoying? Are we enjoying true freedom? No. Not at all. May be some people are enjoying

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नेता और नैतिकता

कटते हैं सर जवानों के देश की सरहदों पर दुश्मनों से लड़ते-लड़ते थकती नहीं जवां नेताओं की अपनी बहादुरी बयाँ करते-करते दुश्मनों से तो बस जवान ही लड़ा करते हैं नेता लोग तो दूर ही से आदेश दिया करते हैं नेता खाते हैं घूस हथियारों की खरीद में गोली खाते हैं सीने पर जवान दुश्मनों की नेता तो बस कूटनीति ही किया करते हैं ये तो जवान हैं जो सीधे युद्ध किया करते हैं नेता

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मनुष्य की यात्रा

आज मनुष्य संपूर्ण पृथ्वी पर ही नहीं बल्कि अन्य ग्रहों एवम् उपग्रहों की भी यात्रा करने में सक्षम है यहाँ तक कि वह सूर्य तक भी पहुँचने की कोशिश कर रहा है| आज मनुष्य की यात्राओं के, उनकी क्षमता और ज़रूरत के अनुसार अलग-अलग उद्देश्य हैं परंतु क्या हमने कभी सोचा है कि उसकी इस यात्रा का प्रारंभ कब और क्यों शुरू हुआ| मनुष्य की यात्रा उसके जीवन के साथ ही शुरू होती है| प्रारंभ

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अंबेडकर की कलम

क्रांति के लिए जली मशाल, क्रांति के लिए बढ़े कदम ॥ अपमान के विरुद्ध सम्मान के लिए, शोषण के विरुद्ध अरमान के लिए, दलित, शोषित, पिछड़ी जाति के लिए, हम लड़ेंगे हमने ली है कसम । क्रांति के लिए जली मशाल, क्रांति के लिए बढ़े कदम ॥ छिन रही हैं आदमी की रोटियाँ, बिक रही हैं शोषितों की बेटियाँ, किंतु पूंजीपति, राजनेता मिलकर शोषकों के साथ, भर रहे हैं कोठियाँ । लूट का यह राज

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