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बचपन को जीने दो!

buy me a rose lyrics “ये दौलत भी ले लो ये शौहरत भी ले लो, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन, वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी।” जगजीत सिंह जी के इस गीत के पीछे बहुत गहरे भाव हैं। आज हकीक़त में बचपन खो गया है। कुछ दिखावे की चादर में छुप गया, कुछ अमीरी की बोझ से दब गया और जो थोड़ी बहुत पदचिन्ह बची है, उसे हम अपने हाथों

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