2017 Culture Happiness Health Human Resource India Productivity World

प्रदुषण ले लड़ने के लिए कुछ आयुर्वेदिक रास्ते

कैसे दिन आ गए हैं? भगवान् का दिया हुआ एक अनमोल तोफा- हवा- को भी इंसान ने इतना दूषित कर दिया है कि जगह-जगह लोग प्रदूषण से बचने के लिए मुखौटे और प्यूरीफायर खरीद रहे हैं। घर से ऑफिस यातायात करना भी मेरे लिए खतरे से कम नहीं रहा। जलती आखें, डगमगाती सासें और सिरदर्द आम बात हो चुकी है। हालांकि मैं तकनीकी यन्त्र जैसे कि प्यूरीफायर इत्यादि के खिलाफ नहीं हूँ, प्रदूषण से लड़ने

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2017 Book Culture Democracy Globalisation Infrastructure Opinion Optimism Productivity

नोटबंदी किसी बेवकूफी से कम नहीं!

नोटबंदी को आज एक साल हो गया है। मानो कल ही की बात हो। पिताजी का स्कूटर थामे मै एक बैंक से दुसरे बैंक के चक्कर काट रहा था इसी उम्मीद मे की कुछ पैसे मिल जाएँ जिससे की दादी अपने दवाई खरीद सके, दूधवाले को पैसे मिल सके और कामवाली को समय पर तंखा मिल सके। मेरी हालत फिर भी देश के कई मज़दूर, फलवाले और किसानों से बेहतर है। प्रधान मंत्री मोदी के 8

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2017 Fiction Health History Human Resource Opinion Optimism Productivity

अब ‘हेड ट्रांसप्लांट’ दूर नहीं!

चिकित्सा की दुनिया मे दिन ब दिन इंसान नई ऊँचाइयों को छु रहा है। टी.बी., चिकन पौक्स, स्मौल पॉक्स जैसे खतरनाक बीमारियों का खात्मा भी इंसान ने अपनी लगन, कोशिश और दृढ संकल्प से पूर्ण किया। लेकिन फिर भी ऐसे कई रोग अब भी उपस्थित हैं जिस पर इंसान ने जीत हासिल नहीं की है। कैंसर, एड्स, लकवा जैसी बीमारियाँ अब भी मानवता के लिए ‘खतरा’ का प्रतीक है। ज़्यादातर मामलों मे शरीर की दुर्गम

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2017 Culture Environment Globalisation Happiness Health Opinion Optimism Productivity Tour Urbanisation

Captain Fantastic will leave you fantasising for more!

Whenever I used to read about Robinson Crusoe and his long and adventurous stay in an island for close to 28 years, it used to fill me with wonder. Imagine living away from civilization, technology and people for close to 3 decades! Well, on one side, it’s quite scary but on another side, if one has the guts and a strong attitude, then the experience is nothing less than phenomenal. While scavenging through some popular

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2017 Business Culture Digital Media Education Environment Globalisation Human Resource Opinion Productivity Recruitment Story Urbanisation Work World

बिटकॉइन आखिर है क्या ?

आये दिन कई कंपनियां ‘बिटकॉइन’ के बारे मे बात कर रही हैं। आखिर यह नई मुद्रा प्रणाली है क्या? क्या यह सुरक्षित है? क्या इससे घोटाले मे कमी आएगी? ऐसे कुछ प्रश्न मेरे दिमाग मे आये थे। चूँकि आजकल स्मार्टफ़ोन का ज़माना है, ‘बिटकॉइन’ के लेन-देन के लिए कंपनियों ने कई एप्लीकेशन निकाले हैं। सीधी भाषा मे यदि बात की जाए तो ‘बिटकॉइन’ आभासी मुद्रा है। यानी आप कंप्यूटर के माध्यम से बिटकॉइन यानी ‘वर्चुअल

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2017 Culture Globalisation Governance Hindi India Medicine Opinion Optimism Productivity Technology Urbanisation

भारत पूर्ण रूप से पोलियो-मुक्त नहीं हुआ है !

आज अंतर्राष्ट्रीय पोलियो दिवस है। ‘पोलियोमायलाईटिस’ एक ऐसा रोग है जिसने सिर्फ 100 साल पहले तक दुनिया मे आतंक फैला रखा था। लेकिन निरंतर शोधकार्य और आधुनिक चिकित्सा माध्यमों के आ जाने से यह काफी हद तक दुनिया भर से ख़त्म हो गया है। पोलियोवायरस इंसान के मासपेशियों को कमज़ोर बना देता है। वायरस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (central nervous system) मे स्थित मोटर न्यूरॉन पर हमला करती है जिससे की शरीर अलग-अलग जगहों से अकड़

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2017 Auto Culture Globalisation Human Resource Opinion Optimism Productivity Technology Workforce World

मैं, आप और ए.आई.

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ या ‘आर्टीफिशिअल इनटेल्लिजेंस’ (ए.आई.) आजकल चर्चा का विषय है। ‘सीरी’, ‘कौरटाना’, ‘बिक्स्बी’ नामक कई प्रभावशाली ए.आई.  हमारे मोबाइल, कंप्यूटर और टेबलेट के ज़रिये हमारे पसंद-नापसंद का विश्लेषण करते हैं और उसके अनुसार हमे सबसे उपयुक्त सुझाव देते हैं। हालांकि, ए.आई. के आ जाने से हमारा जीवन काफी सरल और तेज़ हो गया है, इसके दुष्प्रभाव से भी हमे वाकिफ होना चाहिए। ए.आई. के ऊपर ज़्यादातर ज्ञान मुझे फ़िल्मी दुनिया से मिला है। ‘टर्मिनेटर’,

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2017 Business Corruption Culture Delhi/NCR Democracy Education Entrepreneurship Environment Globalisation Governance Government Human Resource India Opinion Optimism Recruitment Urbanisation World

गरीबी हटायेंगे लेकिन कैसे?

आज ‘अंतर्राष्ट्रीय गरीबी हटाओ दिवस’ है। संयुक्त राष्ट्र ने आज से ठीक पच्चीस साल पहले आज के दिन को इस नेक कार्य के लिए चुना था। पिछली सदी शायद मानवता के लिए सबसे भीषण और दर्दनाक समय रहा है। दो विश्व युद्ध, परमाणु हमलों, ‘कोल्ड वौर’ जैसे संकटमय क्षणों के अलावा कई गुलाम देशों को आज़ादी मिली। अफ्रीका, एशिया और दक्षिण अम्रीका के कई देशों ने स्वतंत्रता की सांस ली। लेकिन इसी स्वतंत्रता के साथ

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खाना वाकई मे खज़ाना है!

बचपन मे जब मैं खाना नष्ट करता था, तो मेरे परिवार वाले मुझे डांटते और कहते कि,“अन्न नष्ट करने का मतलब है किसी दुसरे को खाने से वांछित करना”। चूँकि मैं छोटा था, मुझे इसका मतलब समझ नहीं आया। जब मैं थोड़ा बड़ा हुआ और दुनिया दारी की मुझे समझ होने लगी, तब मुझे इस कथन का तात्पर्य पूर्ण रूप से समझ मे आया। अब मेरी कोशिश हमेशा से यही रहती है की यदि मैंने

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Disasters don’t come knocking!

Disasters don’t wait to happen. They happen when one least expects them. Today is International Day for Disaster Reduction. In the past couple of months, the world has seen a series of catastrophes. From earthquakes and hurricanes ravaging the North American and Mexican coasts to coastal rains lashing Eastern India, Bangladesh and Nepal, loss of human and animal life has been tremendous and unforgiving. Due to increasing global warming and melting of polar ice caps,

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