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ख़ाली बोतल की कहानियाँ

हर ख़ाली बोतल में क़ैद हैं

न जाने कितनी  कहानियाँ

कुछ में क़ैद है हीर की दास्तां

कुछ में रांझाओ की जवानियाँ

 

वह पहला ख़त

जिसे लिखते हुए कांपे थे हाथ

जवाब के इंतज़ार में

क़ुर्बान हुए हज़ारों दिन लाखों रात

हर जाम में बसी थी दिल की बेताबियां

ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ

 

समेटा दिल के टुकड़ो को

भुलाया बीती गलतियों को

वादों में कराए बातें

अंजानो पर लुटाए रातें

क़ैद है इसमे वह सारी बेशर्मियां

ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ

 

जब ख़वाईशें तड़पाए

हवा बन के उसे भड़काए

जब ग़ैरों से भी दिल जल जाए

तब आंसू बन के उसे बुझाए

हर घूंट में समाए इसकी यारियां

ख़ाली बोतल बयां करे वह सारी कहानियाँ

 

डूब गए बाद्शाह

मिट गई जन्नतें

जल गई क़ायनात

बह गई हसरतें

कांच के इस मकान में क़ैद है

न जाने कितनी बरबादियाँ

ख़ाली बोतल बयां करे कुछ ऐसी कहानियाँ

 

यह ख़ाली बोतल

आज मुझसे कुछ कह रही  है

ज़िंदगी के सबक

ख़ामोशी से पीला रही है

डूब गई शाम मुक़म्मल हुआ जाम

ख़ुमार अब ख़त्म हो रहा है

एक नया सवेरा मुझे बुला रहा है

 

इस बोतल में क़ैद है

ज़िंदगी के हर पल की परछाईयाँ

ख़ाली बोतल बयां करे न जाने कितनी कहानियाँ

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