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सड़ा हुवा अनाज, सड़ी ही प्रणाली है!

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मेरा चिराग-ए-घर गया लील।
तुम्हारा घटिया मिड डे  मील ।।

घटिया मिड डे मील, वो भूखे ही अच्छे थे ।
नहीं सालता घाव, हमारे भी बच्चे थे ।।

सड़ा हुवा अनाज, सड़ी ही प्रणाली है।
मासूमों के हाथों में, चम्मच थाली है।।

चाहते हो क्या, थमा हाथ में उनके कटोरा ।
उनको भिक्षु बना रहा, जिनका मन है कोरा।।

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