Tareeq(2)
Child Sexual Abuse Crime Government India Media Opinion Politics

शर्म आ रही है !

FacebookTwitterGoogleLinkedIn


उन्नाव और कट्ठुआ केस के बाद आज देश के दिग्गज हस्तियां कह रही है, शर्म आ रही हैंपर किस बात पे शर्म आ रही है आप सभी को, “बालात्कार की कार्यवाही न होने पे, नेताओ के भाषण पे, धर्म के मसले पे या राजनितिक शोर से?”क्या कोई ऐसा है जिसको इस बात से शर्म आ रही है की, “ कैसे हो रहा है ये बालात्कार देश की बेटियों के साथ?

नहीं! ऐसा कोई नहीं हैं क्यूंकि कोई समझना ही नहीं चाहता उस दर्द कोसब बस एक भीड़ का अनुसरण करने में लगे हैकुछ लोग कांग्रेस के साथ खड़े हो जाते है, कुछ भाजपा के साथ और जिनको कुछ समझ नही आता वो धर्म के झंडे लेके खड़े हो जाते हैंकिसी ने ये सोचा ही नहीं की उस 8 साल की छोटी बच्ची पर क्या बीती होगी जब उसे उन हैवानो ने गलत तरीके से छुआ होगाकितना दर्द हुआ होगा उसे जब इतने दिनों तक इन जानवरों ने उसे नोचा होगा हर रोज

बिडम्बना ये है की हम समाज के वो ठेकेदार हैं जो सब कुछ जानते हुए भी अनजान हैंहमारी विवशता ये है की हम बालात्कार को रोक तो नही सकते, पर हाँ, हम उस पूरी प्रक्रिया की व्याख्या हर मंच पे कर सकते हैं“चाहे वो राष्ट्र मंच हो या मिडिया मंच” यही नहीं इंडिया गेट पे कैंडल मार्च करते हुए चीख चीख के हमने जो नारे लगाये, वो तो आपको पता ही होगा

कोशिश तो बहुत कर रहे हैं हम देश के लिए, उस 8 साल की बच्ची को इन्साफ दिलाने के लिए ये तो बस देश का दुर्भाग्य है, की हमारी कोशिशो और बातो के बिच देश के अलग अलग कोनो में पता नही और कितनी आसिफ़ा पैदा हो गई

दुर्भाग्य तो है देश का, की दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेटिक कंट्री होने के बाद भी आज, महिलाओ से जुड़े अपराध में अपराधियों को सजा मिलने का दर सिर्फ 18.9%  (वर्ष 2016 के आंकरो से) हैं

क्या कभी भारत में लडकियां स्वंत्रता को जी पाएंगी या सिर्फ ऐसी राजनितिक और मिडिया मंचो की वार्ता बन के ही रह जाएँगी? आज राजनेताओं को जिस कट्ठुआ केस की बात कर के शर्म आ रही है, क्या कभी वो इन राजनितिक दावपेंच से उपर उठ के देश की महिलाओं को एक सुरक्षित भारत दे पाएंगे?

मुद्दा ये है की महिलाएं ससक्त बने, अपनी रक्षा स्वयं करना सीखे

पर सवाल अभी भी वाही है:-

4 साल, 6 साल और 8 साल की छोटी बच्ची! कैसे?

Leave a Reply


Your email address will not be published. Required fields are marked *