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वो आयें

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वो आयें मेरे दर पे शरमाते हुए आयें I

इन सर्द हवाओं को गरमाते हुए आयें I

 

गुलशन की महक मुझको महसूस नहीं होती I

एक गुल सा मेरा अरमा महकाते आयें,

वो आयें मेरे दर पे शरमाते हुए आयें

 

सदियों की ज़िन्दगी में इक पल भी नहीं अपना I

कुछ पल ही सही लेकिन मेरे ही लिए आयें,

वो आयें मेरे दर पे शरमाते हुए आयें

 

इस बद नसीब दिल को सौगात नहीं कोई I

कुछ दर्द ज़िन्दगी का कुछ ग़म ही लिए आयें,

वो आयें मेरे दर पे शरमाते हुए आयें

 

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