love-going-ashtray
Hindi Love Poem Poetry

प्यार–पराया

एक अनजान राह पर

चंचल मन साथियों के साथ,

प्यासे अरमान भी

आशाओं के सहारे

चला जा रहा था ।

एक नजर पड़ गयी उन पर

और अगर देख भी लिया

यह कोई भूल तो नहीं है ।

एक विशेष सौन्दर्य के साथ

रूप था

और सुगंध भी

देखा,

और सूँघा भी

यह कोई फूल तो नहीं हैं ।

दिल ने चाहा

पास भी गया

स्पर्श किया तो

चुभ वो गया

सोचा, मगर

यह कोई शूल तो नहीं है ।

मैंने तो प्यार का ही अहसास

किया था मगर, कहीं

यह प्यार पराया तो नहीं है

यह प्यार पराया तो नहीं है ।

 

Image courtesy: HuffingtonPost

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