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तेरा रिश्ता बड़ा कमाल पिता


 

crestor price ऊँगली पकड़ कर तू ही संभाले,
सिखाता पहली चाल पिता।

कभी घोड़ा बन-कभी कंधे ले,
तूने सहलाए मेरे बाल पिता।

तेरी प्यार भरी इक चुम्बन से,
है खिल जाते मेरे गाल पिता।

मुझे मम्मी अच्छी लगती,
पर देता है सब माल पिता।

तेरी मेहनत, तेरे पसीने से,
मेरे घर की ईंटे लाल पिता।

हर संकट स्वयं झेलता,
है गोवेर्धन सी ढाल पिता।

केवल तेरे ही दम से है,
मेरा घर रहता खुशहाल पिता।

मेरे घर आँगन की बगिया के,
तुम ही हो तरुवर-छाल पिता।

मेरी हिम्मत-शौहरत तुमसे है,
तेरे बिन जीवन बेहाल पिता।

मै कायल हूँ तेरे जज्बे का,
तेरा रिश्ता बड़ा कमाल पिता।

Working Dad walking with son

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