God Hindi Life Poem Poetry Religion

तुम कब ईश्वर कहलाओगे

हाँ! तुम ईश्वर कहलाओगे

जब क्षुधा शुन्य कर उदर सभी,

हर लोगे मानस की तृष्णा,

तुम द्वेष गरल  पीकर

मन कर दो निर्विकार

जब जन-जन का,

जब एक करो मन-प्राण

विचारों में  स्थापित कर समता,

हो भिन्न श्वास-निश्वास

किन्तु विश्वास एक हो सब जग का,

तब,  तुम ईश्वर कहलाओगे.

FacebookTwitterGoogleLinkedIn


Leave a Reply


Your email address will not be published. Required fields are marked *