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तुम कब ईश्वर कहलाओगे

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हाँ! तुम ईश्वर कहलाओगे

जब क्षुधा शुन्य कर उदर सभी,

हर लोगे मानस की तृष्णा,

तुम द्वेष गरल  पीकर

मन कर दो निर्विकार

जब जन-जन का,

जब एक करो मन-प्राण

विचारों में  स्थापित कर समता,

हो भिन्न श्वास-निश्वास

किन्तु विश्वास एक हो सब जग का,

तब,  तुम ईश्वर कहलाओगे.

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