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चलो इस बार

चलो इस बार कुछ ऐसा भी कर लें I

सेहर के वास्ते सूरज को चुन लें I

 

बोहोत सोये हैं हम गफलत की नींदें,

खुली आँखों से भी कुछ खाब बुन लें I

 

हमारे हाथ में ताकत है सारी,

चलो तदबीर को तकदीर कर लें I

 

हमीं हैं मुल्को मिल्लत की उम्मीदें,

एक कोशिश करें सूरत बदल लें I

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