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अच्छी सरकार, अच्छा विपक्ष, अच्छे दिन

कुछ सवाल दोहराये नहीं जाते और कुछ सवालों के जवाब बार-बार बताये नहीं जाते। केंद्र सरकार के एक साल पूरा होने पर ऐसा ही एक सवाल उछाला जा रहा है– क्या सचमुच अच्छे दिन आ गये हैं? सवाल कुछ ऐसा है, जैसे राह चलते किसी आदमी से कोई पूछे—क्या आप कहीं जा रहे हैं? मोदी सरकार के बने अभी बारह महीने ही तो गुजरे हैं, लेकिन इतने कम वक्त में क्या-क्या नहीं हो गया।

मौसम पूरे तीन बार बदला। आडवाणी जी तीन बार रुठकर चार बार माने। आईपीएल की बोली में युवराज सिंह की पूरे 16 करोड़ रुपये की लॉटरी लगी। कपिल शर्मा का कॉमेडी शो इतना हिट हो गया कि उन्हे सीधे एक बड़ी फिल्म में हीरो का रोल मिल गया। अमित शाह ससुर बन गये। प्रधानमंत्री अमेरिका हो आये और बराक भाई ने दिल्ली आकर अपने दोस्त के हाथ की चाय पी ली। सूखकर बेहाल अर्थव्यवस्था पर चर्बी चढ़ने लगी और मोटापे से परेशान वित्त मंत्री की तोंद तेजी से पिघलने लगी। लालू और नीतीश ने मिलकर धक्का लगाया तो नेताजी खटारा साइकिल अचानक हवा से बातें करने लगी। हवा-हवाई साइकिल अपने अपने सभी पुराने दोस्तो को बिठाकर नेताजी फिर से हवाई किले बनाने लगे। … और तो और हमेशा गले पर धरना देकर बैठी रहने वाली केजरीवाल की खांसी तक छू-मंतर हो गई।

यानी क्या देश, क्या परदेश, क्या सरकार और क्या विपक्ष हर जगह एकदम मंगल ही मंगल। अच्छे दिनों के और कितने सबूत दे सरकार? देश में इतनी खुशहाली पहले कभी नहीं रही जितनी आजकल है। मई का महीना आ चुका है, लेकिन लू की थपेड़ो का नामो-निशान नहीं है। सूरज ने ज़रा सी हेकड़ी क्या दिखाई, बादलों को गुस्सा आ गया और उन्होने कड़कते हुए चेतावनी दी कि मोदीजी के राज में इतनी गर्मी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्मी थोड़ी सी और बढ़ी तो नाराज़ आसमान ओले बरसाने लगा। फिर उसे ख्याल आया कि ये कुछ ज्यादा हो गया, ये आचरण अच्छे दिनों की भावना के अनुरूप नहीं है।

ओले बरसने बंद हुए, लेकिन तब तक कई लोगों के सिर फूट चुके थे और बहुतो की फसल तबाह हो चुकी थी। सरकार ने कह ही दिया है कि किसानों का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, अब इससे ज्यादा कोई क्या करे? लेकिन नादान किसान फिर भी आत्महत्या पर आमादा हैं। गनीमत है कि राजस्थान से दिल्ली आये एक किसान ने अच्छे दिनों की लाज रख ली। उसने खुद को फांसी बीजेपी नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी की रैली में लगाई। केंद्र सरकार भी जानती है कि बड़े-बड़े मुल्कों में अक्सर छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं। इसलिए मोदीजी ने पिछले एक साल में अपना पूरा ध्यान देश से ज्यादा परदेश पर लगाया। मुल्क की नाक और साख के लिए विश्व भ्रमण करते रहे। देश तो उनकी यात्राओं से खुश हुआ, लेकिन राहुल भइया जल-भुन गये। एक दिन उन्होने हिम्मत जुटाकर सोनिया जी पूछ ही लिया— मम्मी वाई शुड मोदीजी हैव ऑल द फन? सोनिया जी प्रश्न समझ में गईं और उन्होने फौरन राहुल को दो महीने की छुट्टी दे दी।

आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा मणिकांचन योग पहली बार बना जब प्रधानमंत्री जी धुंआधार फौरन ट्रिप पर हो हों और विपक्ष के मुखिया दो महीने के हॉलीडे पर। कांग्रेस भी ये मान चुकी थी कि अब दिन इतने अच्छे आ गये हैं कि विपक्ष को कुछ करने की ज़रूरत ही नहीं। किसी भी मुद्धे पर सरकार को घेरना बेकार है। अच्छी सरकार और अच्छा विपक्ष दोनो अपना-अपना काम खूब अच्छी तरह कर रहे थे। देश में शांति थी। मीडिया के पास भी जनता के मनोरंजन के लिए बहुत सा मसाला था। कोई कह रहा था—राहुल जी बिपश्ना कर रहे हैं तो कोई कह रहा था, थाई मसाज करवा रहे हैं। कोई कह रहा था कि गुपचुप एक्टिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं, ताकि आनेवाले दिनों में वो जब भी कागज़ फाड़े या स्पीकर की कुर्सी की तरफ लपकें तो एक्टिंग करते नज़र ना आये एकदम स्वभाविक लगें।

आखिर राहुल जी की लंबी छुट्टी एक दिन खत्म हो ही गई। घर वापसी करते ही राहुल भइया ने सबको चकरा दिया। चेहरे की शांति बता रही थी कि वो छुट्टी से तरोताजा होकर लौटे हैं। लेकिन दिल्ली में कदम रखते ही उनके सिर पर लीडर ऑपोजीशन सवार हो गया और वो ज़ोर-ज़ोर से चीखने लगे—सरकार ने एक साल में सिर्फ बातें बनाई हैं किया कुछ भी नहीं है। अच्छे दिनों में मीठी नींद ले रहे बाकी कांग्रेसी नेता भी चीखकर सुनकर जागे और एक साथ चिल्लाये—राहुल जी बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।

एक साल पलक झपकते निकल गये लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। एनडीए वालों ने सफाई दी– अच्छे दिन हमेशा पंख लगाकर उड़ जाते हैं। बुरे दिनों का एक-एक पल काटना भारी होता है। अगर एक साल का वक्त यूं ही गुजर गया तो आप मान लीजिये कि वो दिन बहुत अच्छे रहे होंगे और वो दिन अच्छे थे, इसलिए आनेवाले दिन और अच्छे होंगे। लेकिन कांग्रेसी इस दलील से संतुष्ट नहीं हुए और इस जिद पर अड़े रहे कि सरकार ने कुछ नहीं किया। अब कांग्रेसियों को कौन समझाये कि इस देश की जनता वोट कुछ करने के लिए नहीं देती बल्कि कुछ ना करने के लिए देती है।

आजादी के बाद से कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, इसलिए उसे जनता का वोट लगातार मिलता रहा। इंदिरा जी ने जैसे ही इमरजेंसी का बड़ा कारनामा किया, जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। जनता ने यूपीए को वोट इसलिए दिया था कि उसके भोली-सूरत वाले प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे रहेंगे, कुछ नहीं करेंगे। लेकिन यूपीए ने बहुत कुछ किया। टू जी में मंत्रीजी तिहाड़ गये। भांजे की वसूली में रेल मंत्री की कुर्सी गई और कोयले में हाथ इस तरह काले हुए कि दाग मनमोहन जी के दामन तक भी पहुंच गये। अगर कुछ करना यही है तो बेहतर है कि ये सरकार कुछ ना करे। अच्छे दिनो का जश्न मनाये, चैन की बंशी बजाये और जनता को भी मीठी नींद सोने दे।

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One comment

  1. प्रिय लेखक, कुछ चुनिंदा अंश आपके लिए | शुक्रिया अपनी तुच्छ सोच को दर्शाने के लिए | असल में आप जैसे लोग AAP और कांग्रेस जैसे प्रसाशन के काबिल है | जय हिन्द |

    Within a month of Narendra Modi government assuming power, sense of disappointment has taken over the country. The reason behind such disappointment is actually partially a creation of the extremely weakened opposition and to a certain extent expectations of the people who Narendra Modi Government achievemnts think not Narendra Modi but some Harry Potter-magic has happened to Indian democracy. To change the condition of a country of 1.3 billion people is not an overnight trick. In our desperation to shatter our hopes we are failing to recognize the concrete steps that Modi government has taken as soon as it formed government. Here is a list of achievements of Narendra Modi government till now:

    • Successfully bringing Indians caught in ‘Iraq Crisis’ home

    In recent Iraq crisis ISIS shook not only the Arab world, but the entire world with its inhumane act of keeping civilians captive. Indian nurses working in Iraq got stuck in the middle of a civil war, but here critics started cursing the Modi government for not rescuing Indian nationals from war torn Iraq. The Indian government headed by PM Narendra Modi left no stone unturned to rescue Indians by deploying INS Mysore in Persian Gulf. When the rescue mission was succesfully completed critics credited Kerala government for the rescue operation. What they failed to understand is that neither foreign relations nor Indian defense forces are commanded by any state government in India.That is the prerogative of the central government which is currently under the leadership of Modi.

    We may be political opponents, ideological enemies, but during hours of crisis we must act like one big Family that is “India”. Don’t forget that first time ever in the history of India, central government has acted against the enemy to save its citizen unlike “1989 kidnapping of Rubaiya Sayeed” when central government threatened the JK government with dismissal if the militants were not exchanged for Rubaiya. We can’t blame political opponents for failing to acknowledge the extraordinary successful mission of rescuing India citizens from Iraq, but the bigger concern is the Fourth Pillar of Democracy –Media—media went silent as soon as rescue mission is completed and took no pain in highlighting who really made all the efforts.

    • IB report on NGO

    Foreign funded NGOs are known for halting development work across the country. Congress government never acted against them because Leftist-NGO nexus supports congress government in its ideological standing of center-of-the-left. Billions of dollars has been donated to Leftist controlled NGO through FCRA act, to destabilize country. On one hand their coterie criticize government for not providing facilities, on other hand they halt development work. As per IB report protests led by foreign funded NGOs against development projects had caused a presumptive loss of 2-3% to India’s GDP. Again political Opponents and NGO-friendly party (with emphasis on NGO party) opted to be silent on IB report. Prominent party AAP who know for its Dharna-ist credentials hits out at IB report, why? Because NGO are under scanner and they need to take permission from MHA before pumping foreign funds in to India. AAP instead to encouraging foreign funded NGOs for generating funds at home lash out at IB report. Again opponents opted to remain silent.

    • Process Improvement

    In a significant development, central government has decided to improve its taxation process in order to facilitate direct contact with taxpayers. MEA is set to waive second police verification in case of passport renewal. 660 rape crisis centers will be established across the country and named as Nirbhaya centers. Government also planned to setup “Kisan Mandis” in order to fight food inflation. Modi is delivering but opponents are choosing to ignore it.

    • Railways

    IRCTC performance is up with the launch of a new website and it has started working as per users’ expectation but opponent are again opting to be silent while they await loop-holes and as soon as they will get one they will start cursing everyone who voted for Modi- led BJP. Railways are planning to build high speed trains across the country in order to provide better facilities and speedy journey to passenger but opponent cursing for increase in rail fair.

    • Power Crisis

    AAP started criticizing Modi for power crisis; ponder upon the fact that AAP leaders are the one who are against Kudankulam Nuclear Power Plant or any other power sector development in the country. Though Modi said on record in Parliament that “My government will not be vindictive” and we will work in coordination with each other.

    • Reliance Issue

    Literally AAP abused Modi over Reliance issue but opted to be silent when Modi government imposed millions of USD fine on Reliance, the same AAP government released Rs. 320 crore to Ambani company. And don’t forget “Bahoot Hi Krantikari” Channel AajTak is also owned by Ambani which appears to be AAPTak Channel most of the times.

    • Basic needs

    Govt. approved proposal to raise height of Narmada dam so that more water will be available for drinking, irrigation and power generation. Protests had been led by foreign funded NGO to halt the Narmada dam in past.

    • Health

    In a significant development, the Modi government has decided to make X-Ray, MRI and CT scans free of cost for the poor at government hospitals.

    • Environment

    The govt. plans to plant 200 crore tress along the entire 1 Lakh Km length of National Highways network across the country. Under this scheme employment will be generated for jobless youth. Government is planning to implement similar scheme under MNREGA along state highways, village and district roads. As expected opponent opt to be silent on the same, rather they are busy thumping their chest over IB reports on NGOs.

    • Defense

    Defense Ministry approved fast-track road building along the disputed border with China. New posts will be established in strategic position of Indo-China Border. 2 billion USD extension has been given to the Karwar Naval base in the southern state of Karnataka. Government also plans to install a new Radar station in the Andaman and Nicobar islands in the Bay of Bengal to keep an eye on China’s evil designs.

    I hope one day the silence will be over and opponents will recognize the efforts of PM Modi. Opponents must remember that Modi said that we will work as a team. In last few days we saw rays of hope in new government, its progressive policies and its commitment towards nation. Responsibility falls on our shoulders now as we have a government in center which is pro-people, we must take new message to everyone. Last time (during Atal Led NDA) we failed to take our message to people which resulted into 10 years of reverse gear in country’s development. Educated Youth should keep in mind that common man don’t understand economics as we understand, so we must educate people across the country that how policies started by Modi government will help in longer run.

    http://www.theforthright.com/list-achievements-narendra-modi-government-till-now/

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